मेरा नाम आयेशा है। मेरे पति वरुण एक आईटी कंपनी में काम करते हैं। हमारी माली हालत ठीक नहीं थी। सालों से उनका प्रमोशन अटका हुआ था, तनख्वाह भी बस गुजारे लायक। एक दिन उनके बॉस मुकेश सर हमारे घर खाने आए। मैंने जब उन्हें खाना परोसा तो वो मुझे ऐसे घूर-घूर कर देखने लगे जैसे कोई भूखा शेर जवान हिरनी को निहार रहा हो। उनकी आँखें मेरी ब्लाउज की गहराई में उतर रही थीं, मेरी कमर पर टिकी थीं, मेरी साड़ी के पल्लू को बार-बार सरकते देख वो मुस्कुरा रहे थे।
रात को खाना-पीना खत्म होने के बाद उन्होंने मेरे पति को एक तरफ बुलाया। कुछ देर बाद वरुण लौटे तो उनका चेहरा उतरा हुआ था, पर आँखों में एक अजीब सी चमक थी। रात को बेडरूम में मुझे पास बुलाकर उन्होंने धीमी आवाज में कहा:“आयेशा… तुम्हें मेरे लिए एक बहुत बड़ा काम करना होगा।”
मैंने पूछा – “क्या?”
उन्होंने सिर झुकाकर कहा – “मुकेश सर ने शर्त रखी है… अगर तुम उनके साथ… शारीरिक संबंध बनाओगी, तो मेरा प्रमोशन पक्का है। सैलरी डबल हो जाएगी। घर चल जाएगा आराम से।”
पहले तो मैं काँप गई। दिल धड़कने लगा। लेकिन फिर सोचा… इतने सालों से वरुण कितना परेशान है। बच्चे स्कूल फीस के लिए तरस रहे हैं। किराया बाकी है। मैंने गहरी साँस ली और कहा – “ठीक है… मैं तैयार हूँ।”
अगले दिन मैंने खास तैयारी की। लीफ प्रिंट वाली सफेद साड़ी पहनी, जिसमें से मेरी ब्लाउज की गहरी नेकलाइन साफ दिख रही थी। पेटीकोट नीचे से थोड़ा ऊपर बाँधा ताकि कमर का गोरा गोरा हिस्सा झलकता रहे। ब्लाउज टाइट, आधा पारदर्शी। लिपस्टिक गहरी लाल। आँखों में काजल। बाल खुले। मैं जानती थी कि आज मुझे बस एक चीज चाहिए – मुकेश सर को इतना उत्तेजित करना कि वो मेरे शरीर पर काबू खो दें।
शाम को मैं उनके ऑफिस पहुँची। पूरा ऑफिस खाली था। सिर्फ मुकेश सर अपनी केबिन में। मैंने दरवाजे पर दस्तक दी।
“May I come in, Sir?”
अंदर से उनकी भारी, कामुक आवाज आई – “आजा मेरी रानी… तेरा ही इंतज़ार था।”
जैसे ही मैं अंदर घुसी, उन्होंने कुर्सी से उठकर मुझे देखा। उनकी आँखें मेरे बदन पर फिरने लगीं। अगले ही पल वो मेरे पास आए, मेरी कमर पकड़ी और मुझे अपनी बाँहों में उठा लिया। मैं हल्की-सी सिसकारी भरकर उनकी छाती से जा टकराई।
उन्होंने मुझे सीधे अपने बड़े से ग्लास टेबल पर लिटा दिया। मेरी साड़ी का पल्लू सरक गया। सफेद ब्रा साफ दिख रही थी। उन्होंने मेरी साड़ी ऊपर सरकानी शुरू की। मेरी जाँघें खुल गईं। उनकी उँगलियाँ मेरी जाँघों पर सरक रही थीं, धीरे-धीरे ऊपर की तरफ।
“कितनी गरम हो तुम, आयेशा…” उन्होंने मेरे कान में फुसफुसाते हुए कहा, “आज तुझे पूरी रात चोदूँगा… तेरी चूत को ऐसे चाटूँगा कि तू सुबह तक मेरे नाम की भीख माँगेगी।”
मैंने शरमाते हुए भी होंठ काटे और कहा – “जो चाहें कर लीजिए सर… बस मेरे पति का प्रमोशन… और मेरी चूत आपकी हो गई।”
उन्होंने मेरी ब्लाउज के हुक एक-एक करके खोल दिए। मेरी ब्रा बाहर आई। उन्होंने ब्रा ऊपर सरकाकर मेरे दोनों स्तन बाहर निकाले। मेरे गुलाबी निप्पल्स खड़े हो चुके थे। उन्होंने एक निप्पल मुँह में लिया और जोर-जोर से चूसने लगे। दूसरा हाथ मेरी चूत पर रखकर सहलाने लगे। पैंटी पहले ही गीली हो चुकी थी।
“हाय… सर… आह्ह…” मैं कराह रही थी।
उन्होंने मेरी पैंटी फाड़ दी। मेरी चिकनी, गीली चूत उनके सामने थी। उन्होंने अपनी पैंट उतारी। उनका मोटा, सख्त लंड बाहर आया – लंबा, मोटा, नसों से भरा हुआ। उन्होंने मेरी टाँगें चौड़ी कीं और लंड मेरी चूत पर रगड़ने लगे।
“बोल… कितना चाहिए तुझे?”
मैंने आँखें बंद करके कहा – “सब चाहिए सर… पूरा अंदर डाल दीजिए… फाड़ दीजिए मेरी चूत को…”
और अगले ही पल उन्होंने एक धक्का मारा। उनका पूरा लंड मेरी चूत में समा गया। मैं चीख पड़ी – “आआह्ह्ह्ह… मार डालेंगे सर… इतना मोटा…”
फिर शुरू हुई जोरदार चुदाई। टेबल हिल रहा था। मेरे स्तन उछल रहे थे। उनकी हर धक्के के साथ मैं और तेज कराह रही थी।
“ले… ले मेरी रानी… आज तुझे प्रेग्नेंट कर दूँगा…” वो गरज रहे थे।
मैंने उनकी कमर पकड़ ली और बोली – “हाँ सर… अंदर ही झड़ दीजिए… मेरी चूत आपकी है… भर दीजिए मुझे…”
करीब आधे घंटे बाद वो जोर-जोर से धक्के मारते हुए मेरे अंदर झड़ गए। गर्म-गर्म माल मेरी चूत में भर गया। मैं भी साथ-साथ झड़ गई। पूरा बदन काँप रहा था।
उन्होंने मुझे गले लगाया और कहा – “कल से वरुण का प्रमोशन लेटर आ जाएगा… और तू हर हफ्ते मेरे पास आएगी… समझी मेरी रानी?”
मैंने मुस्कुराकर उनके होंठ चूमे और बोली – “जी सर… जब चाहें बुला लीजिए… ये चूत अब सिर्फ आपकी है।”
और इस तरह मेरे पति की तरक्की शुरू हुई… और मेरी चुदाई की नई जिंदगी।
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