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देवरानी-जेठानी की रंगीन सुहागरात – Hot Lesbian Story Written in Hindi with Audio

मेरा नाम श्वेता है। मैं २५ साल की हूँ और हाल ही में मेरी अरेंज्ड मैरिज हो गई है। मेरे पति राज बहुत अच्छे इंसान हैं, लेकिन वो मेरी शारीरिक जरूरतें पूरी नहीं कर पाते। ज्यादातर रातों में मुझे बिस्तर पर प्यासी छोड़कर सो जाते हैं। मेरे माता-पिता ने उम्र निकल जाने के डर से जबरदस्ती ये शादी करवा दी। मैं एक मॉडर्न जमाने की लड़की हूँ—रातों में पुरानी सहेलियों के साथ क्लब जाती हूँ, पार्टी करती हूँ। लेकिन उस एक रात ने मेरी जिंदगी सब कुछ बदलकर रख दिया।

हमारे घर में जेठानी यानी भाभी रिया हैं। वो २८ साल की हैं—गोरी-चिट्टी, फिगर ३६-२८-३६ का, एकदम चिकना-मुलायम जिस्म। भाभी गाँव से हैं, हाउसवाइफ हैं, लेकिन दिखने में बेहद खूबसूरत। शादी के बाद से वो मुझे बहुत प्यार करती थीं। पिछले दिसंबर में मेरे और भाभी के पति दोनों को अचानक ऑफिस का इमरजेंसी काम आ गया और उन्हें एक हफ्ते के लिए मुंबई जाना पड़ा। अब घर में सिर्फ मैं, भाभी और हमारे सास-ससुर थे।

Devrani Jethani enjoying their Rangeen Suhagraat

एक रात मैं अपनी सहेलियों के साथ क्लब में पार्टी करके थोड़ी देर से घर लौटी। थोड़ा-सा शराब का नशा भी चढ़ा हुआ था। मैंने उस रात ब्लैक लेदर मिनी स्कर्ट और ब्लैक क्रॉप टॉप पहना हुआ था। जैसे ही मैं अपने कमरे में घुसी, देखा कि रिया भाभी मेरे बिस्तर पर बैठी हुई थीं। उनकी आँखों में साफ हवस झलक रही थी।

भाभी ने मुझे एक झटके से बिस्तर पर धक्का दिया। इससे पहले कि मैं संभल पातीं, उन्होंने कहा, “श्वेता, आज तुम्हारी सुहागरात है… मैं नहीं चाहती कि तुम अकेली रहो। मैं तुम्हें वो सुख दूँगी जो हर नई दुल्हन को मिलना चाहिए।”

मैं शरमा गई, लेकिन दिल में एक अजीब-सी उत्तेजना थी। मैंने कहा, “भाभी, मगर कहीं किसी को पता चल गया तो?” भाभी मुस्कुराईं और बोलीं, “मैंने सास-ससुर के खाने में नींद की गोलियाँ मिला दी हैं। अब घर में सिर्फ तू और मैं अकेले हैं।”

फिर भाभी ने मुझे पास खींचा और धीरे से मेरे होंठों पर अपने होंठ रख दिए। उनका किस इतना नरम और गहरा था कि मेरी सारी शर्म गायब हो गई। मैंने भी जवाब दिया। हम दोनों एक-दूसरे को चूमने लगे—जीभें मिलीं, सिसकारियाँ निकलने लगीं।

भाभी ने मेरी मिनी स्कर्ट की ज़िप खोली और धीरे-धीरे उतार दी। फिर उन्होंने मेरी दोनों टाँगों को चाटना शुरू किया। मुझे बहुत मजा आ रहा था। फिर भाभी ने मेरी नाभि पर एक जबरदस्त किस किया और मैं “आह्ह…” कहकर कराह उठी—जैसे पूरे जिस्म में कंपकंपी दौड़ गई हो।

मैंने भी मौके का फायदा उठाया। भाभी की साड़ी उतारी और जवाब में उनकी नाभि पर एक ज़ोरदार चुम्बन दे दिया। फिर मैंने उनका ब्लाउज खोला, अपना क्रॉप टॉप उतारा और हम दोनों ने बड़े प्यार से एक-दूसरे की ब्रा के हुक खोल दिए।

जैसे ही भाभी ने मेरी ब्रा उतारी, मेरे बड़े-बड़े तरबूजों को देखकर बोलीं, “अरे वाह श्वेता, तू तो किस्मत वाली निकली! इतने दिनों से फ्रूट्स की दुकान साथ लिए घूम रही थी, कहाँ छुपा के रखी थी इनको?”

भाभी, दुकान तो लगी ही हुई है, मगर राज ग्राहक बनकर रोज़ रात आते तो हैं… लेकिन सामान का पूरा मज़ा लिए बिना ही सुबह उठकर चले जाते हैं।

मैंने भी उनकी तारीफ की, “भाभी, आप भी तो दो बड़े-बड़े आम लिए घूम रही हैं। और सिर्फ आम ही नहीं, उन पर ये दो गुलाबी चेरीज़ तो और भी लाजवाब लग रही हैं।”

भाभी हँसीं और बोलीं, “श्वेता, अब ये आम और चेरीज़ सिर्फ तेरी हैं। जितना रस चाहे पी ले।”

फिर भाभी ने मेरे तरबूजों को मुँह में लिया और जोर-जोर से चूसने लगीं। “आह्ह्ह… भाभी… कितना अच्छा लग रहा है…” मैं कराह उठी।

मैंने भी उनके दोनों आम मुँह में लिए और उनकी गुलाबी चेरीज़ को चाटने लगी। कुछ ही देर में वो दोनों एकदम सख्त हो गई थीं।

फिर भाभी ने मुझे बिस्तर पर लिटाया। पहले मेरी मिनी स्कर्ट पूरी उतारी, फिर मुँह से मेरी पैंटी खींचकर उतार दी। उन्होंने उँगलियों से मुझे सहलाना शुरू किया। मैं बोली, “आह्ह… भाभी… और तेज… बहुत मजा आ रहा है…”

बात सिर्फ उँगलियों तक नहीं रुकी। भाभी ने जीभ से मुझे चाटना शुरू किया। मुझे ऐसा लगा जैसे पूरे शरीर में ४४० वोल्ट का करंट दौड़ गया हो। मैं पूरी तरह गीली हो चुकी थी। भाभी बोलीं, “कितनी टाइट है तेरी… आज मैं तुझे पति का असली मजा दूँगी।”

फिर भाभी ने अपनी पैंटी उतारी और मेरे ऊपर चढ़ गईं। मेरी टाँगें उठाईं और scissor पोजिशन में रगड़ना शुरू कर दिया। हम दोनों एक-दूसरे से रगड़ रही थीं। बीच-बीच में भाभी मेरे होंठों पर किस भी कर रही थीं। “आह्ह… भाभी… तेज… और तेज…” मैं चिल्लाई।

हम दोनों कमर जोर-जोर से हिला रही थीं। गीली-गीली आवाजें आने लगीं।

फिर भाभी ने 69 पोजिशन में आकर मुझे चाटना शुरू किया। उनकी जीभ मेरी गुलाबी पिंकी पर पूरी तरह घूम रही थी। मैं भी उनकी गुलाबी पिंकी को चाट रही थी। सबसे अच्छी बात ये कि हम दोनों ने पूरी तरह शेव कर रखा था—मजा दोगुना हो गया। दोनों की सिसकारियाँ कमरे में गूँज रही थीं।

“भाभी… मैं झड़ने वाली हूँ… आह्ह्ह…” मैं जोर से कराही और झड़ गई। मेरा रस उनकी जीभ पर गिरा।

भाभी भी जल्दी ही झड़ गईं। हम दोनों चादर में लिपटकर थककर एक-दूसरे से चिपक गईं। भाभी ने कहा, “ये सिर्फ शुरुआत है श्वेता… कल से हम रोज रात को ऐसी सुहागरात मनाएँगी।”

मैं मुस्कुराई। वो रात… भाभी के साथ… कभी नहीं भूलूँगी।

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By admin

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